मोगा पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस शहादत दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि भेंट कर वीर जवानों को नमन किया गया। साथ ही, आतंकवाद के दौरान शहीद हुए मोगा पुलिस के 39 जवानों के परिवारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला पुलिस प्रमुख एसएसपी सरताज सिंह चाहल सहित डीएसपी, एसएचओ, पुलिस कर्मचारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। पुलिस इकाई की ओर से शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा यादगार: एसएसपी एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने कहा कि शहीद देश और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी लोग एकजुट होकर देशविरोधी ताकतों का मुकाबला करेंगे और देश की सुरक्षा एवं शांति बनाए रखने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि मोगा पुलिस आतंकवाद के दौरान शहीद हुए अपने 39 जवानों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है। पंजाब सरकार और मोगा पुलिस शहीद परिवारों के कल्याण तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने परिवारों को आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन हर कदम पर उनके साथ रहेगा। 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस शहादत दिवस एसएसपी ने बताया कि हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस शहादत दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। उन्होंने बताया कि गश्त कर रहे भारतीय पुलिसकर्मियों पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इस घटना में 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, जबकि अन्य जवानों को बंदी बना लिया गया था। इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में वर्ष 1960 से देशभर में पुलिस शहादत दिवस मनाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान से प्रेरणा ले सकें। इस अवसर पर ग्रुप डीएसपी, जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रभदीप सिंह नथोवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।