पंजाब सरकार की ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना के तहत गांव चोटियां कलां में लाल लकीर के अंदर आने वाले 180 मकान मालिकों को उनके घरों के मालिकाना हक की रजिस्ट्रियां सौंपी गईं। गांव में लंबे समय से रह रहे परिवारों के पास पहले अपने मकानों के मालिकाना हक के कानूनी दस्तावेज नहीं थे। अब रजिस्ट्रियां मिलने से उन्हें अपने घरों पर कानूनी अधिकार का प्रमाण मिला है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की इस योजना का उद्देश्य लाल लकीर के अंदर आने वाले मकानों के निवासियों को उनके घरों का कानूनी मालिकाना हक उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत गांव चोटियां कलां में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने लाभार्थियों को रजिस्ट्रियां सौंपीं। इस दौरान गांव के 180 परिवारों को मालिकाना हक के दस्तावेज दिए गए। इनमें धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत दो गुरुद्वारों, दो पीरों के स्थानों, एक सोसायटी और एक धर्मशाला को भी मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे गए। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना के तहत लंबे समय से अपने घरों में रह रहे लोगों को उनके मकानों का कानूनी मालिकाना हक उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 180 परिवारों के लिए यह रजिस्ट्री केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उनके घर पर उनके अधिकार की कानूनी पुष्टि है। उन्होंने कहा कि गांव में लोग आजादी से पहले से रह रहे थे, लेकिन उनके पास मकानों के मालिकाना हक से संबंधित रजिस्ट्रियां नहीं थीं। अब इन परिवारों को कानूनी दस्तावेज मिलने से उनके अधिकार सुरक्षित होंगे और भविष्य में मकानों से जुड़े विभिन्न कार्यों में भी सुविधा मिलेगी। विधायक ने बताया कि मोगा विधानसभा क्षेत्र में अब तक करीब 600 परिवारों को उनके घरों के मालिकाना हक के दस्तावेज दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में रहने वाले अन्य पात्र परिवारों को भी योजना के तहत मालिकाना हक दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास व जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इस अवसर पर रजिस्ट्रियां प्राप्त करने वाले लाभार्थी परिवारों ने पंजाब सरकार और विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से अपने घरों के मालिकाना हक के दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे थे, जो अब पूरा हुआ है।