पठानकोट में भेड़-बकरियों के मुफ्त टीकाकरण अभियान में तेजी, घटती आबादी पर सरकार हुई चिंतित जिले में 15 हजार भेड़-बकरियां, घर-घर जाकर पीपीआर वैक्सीन लगा रहा पशुपालन विभाग सूरज प्रकाश। पठानकोट केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के बाद पंजाब सहित जिला पठानकोट में भेड़-बकरियों के टीकाकरण अभियान में तेजी लाई गई है। हालांकि पठानकोट में पशुपालन विभाग की ओर से अब पशुपालकों के घरों तक पहुंचकर भेड़-बकरियों को पीपीआर वैक्सीन निशुल्क तेजी से लगाई जा रही है। इसका उद्देश्य भेड़-बकरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से राहत दिलाना है। दूसरा, इनकी घटती संख्या पर कंट्रोल करना है। पशुपालन विभाग के अनुसार, आमतौर पर पशुपालक गाय-भैंस के टीकाकरण को लेकर अधिक जागरूक रहते हैं, जबकि भेड़-बकरियों के टीकाकरण के प्रति जागरूकता अपेक्षाकृत कम है। इसके चलते समय पर टीकाकरण और उपचार नहीं मिलने से पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार सरकारी सुविधाओं की जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें निजी स्तर पर महंगा इलाज करवाना पड़ता है, जबकि बीमारी के कारण पशुओं की मौत होने से भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। घर-घर जाकर मुफ्त वैक्सीन लगाएगा विभाग डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग पठानकोट डॉ. विजय कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से विभाग को पीपीआर वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई है। विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर भेड़-बकरियों का निशुल्क टीकाकरण करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार यह टीकाकरण पशुओं को पीपीआर बीमारी से बचाने में मददगार है। यदि किसी पशुपालक की भेड़ या बकरी टीकाकरण से वंचित रह जाती है तो वह अपने नजदीकी पशुपालन विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हुई पशुधन गणना के दौरान जिला पठानकोट में करीब 15 हजार भेड़-बकरियां दर्ज की गई थीं। इनमें लगभग 11 हजार बकरियां शामिल हैं। ऐसे में जिले में इस अभियान का व्यापक महत्व है। कैंपों और सोशल मीडिया से बढ़ाई जा रही जागरूकता भेड़-बकरी पालकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और पोस्टर लगाने के माध्यम से भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए भी पशुपालकों को टीकाकरण के महत्व और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। धार कलां के भेड़ फार्म से रोजगार को मिल रहा बढ़ावा डॉ. विजय कुमार ने बताया कि पठानकोट के कंडी क्षेत्र के धार कलां में विभाग की ओर से भेड़ फार्म स्थापित किया गया है। यहां से पशुपालकों को सरकारी सब्सिडी पर अच्छी नस्ल की भेड़ें उपलब्ध करवाई जाती हैं, ताकि वे भेड़ पालन को बढ़ावा देने के साथ बेहतर नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ा सकें। कंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका भेड़-बकरी पालन पर निर्भर है। ऐसे में विभाग का यह फार्म स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के साधन को मजबूत करने में भी योगदान दे रहा है।