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टीम इंडिया का हिस्सा बने फरीदकोट के ऑलराउंडर नमन धीर, वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए चयन

फरीदकोट के न्यू कैंट रोड से भारतीय क्रिकेट टीम तक का सफर तय करना 26 वर्षीय नमन धीर के लिए सिर्फ एक क्रिकेट उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, उतार-चढ़ाव और इंतजार का नतीजा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में नमन को पहली बार जगह मिली है। टीम में नाम आने के साथ ही फरीदकोट के इस युवा ऑलराउंडर का नाम राष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच पर पहुंच गया है। 31 दिसंबर 1999 को जन्मे नमन दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज होने के साथ ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं। पिछले कुछ समय से इंडिया-ए के लिए खेल रहे नमन ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपने प्रदर्शन से अपनी अलग पहचान बनाई है। मुंबई इंडियंस के साथ उनका सफर भी इस बात की कहानी कहता है कि क्रिकेट में मुकाम केवल एक अच्छे सीजन से नहीं, बल्कि लगातार खुद को साबित करने से मिलता है। हाल में संपन्न शेर-ए-पंजाब टी-20 टूर्नामेंट में नमन ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उनके चयन की चर्चा को और मजबूत कर दिया। अमृतसर सूरमाज की ओर से खेलते हुए उन्होंने 8 सितंबर को मोहाली किंग्स के खिलाफ महज 64 गेंदों में 173 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 37 गेंदों में शतक पूरा किया। पारी में 16 चौके और 12 छक्के शामिल रहे तथा उनका स्ट्राइक रेट 270.31 रहा। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। नमन के पिता नरेश धीर और सहायक कोच अरुण देवगन के मुताबिक, टीम इंडिया में चयन परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण है। उनका कहना है कि नमन ने पंजाब क्रिकेट में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2023-24 में पंजाब को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने वाली टीम का हिस्सा रहना उनके करियर के अहम पड़ावों में शामिल रहा। आईपीएल का सफर भी नमन के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2024 में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद मुंबई इंडियंस ने उन्हें रिलीज किया, लेकिन 2025 की नीलामी में फ्रेंचाइजी ने राइट टू मैच के जरिए 5.25 करोड़ रुपये में उन्हें वापस टीम में शामिल किया। 20 लाख रुपये के शुरुआती आईपीएल मूल्य से 5.25 करोड़ रुपये तक का सफर उनके बढ़ते कद को बताता है। 2025 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें सभी 16 मैचों में मौका दिया और वह टीम के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। नमन के पिता बताते हैं कि क्रिकेट उनके बेटे के लिए महज खेल नहीं, बचपन से ही जुनून रहा है। इस मुकाम पर परिवार को एक शख्स की कमी सबसे ज्यादा खल रही है—नमन के शुरुआती कोच गगन संधू की। परिवार के मुताबिक, गगन संधू आज जीवित होते तो अपने शिष्य को भारतीय टीम में पहुंचते देखकर सबसे ज्यादा खुश होते। फरीदकोट के लिए भी नमन का चयन इसलिए खास है क्योंकि शहर के एक स्थानीय क्रिकेटर ने अब राष्ट्रीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक दस्तक दी है। अभी उनके सामने अगली चुनौती प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की होगी, लेकिन टीम इंडिया में पहली बार शामिल होना अपने आप में उनके क्रिकेट सफर का एक बड़ा पड़ाव बन चुका है।

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