पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समारोह करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत पंजाब के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन, संदेश और शिक्षाओं को दर्शाते विशेष ड्रोन शो करवाए जा रहे हैं। इसी के तहत जिला पठानकोट के विधानसभा हलका सुजानपुर में करवाए गए शानदार ड्रोन शो को देखने के लिए क्षेत्र से हजारों की संख्या में संगत और लोग पहुंचे। ड्रोन शो की शुरुआत के अवसर पर डॉ. स्वर्ण सिंह सलारिया, हलका इंचार्ज सुजानपुर-कम-चेयरमैन राजपूत कल्याण बोर्ड पंजाब, मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित हुए। डेरा स्वामी जगतगिरी पठानकोट से श्री श्री 108 स्वामी गुरदीप गिरी महाराज भी विशेष रूप से पहुंचे और संगतों को आशीर्वाद दिया। ड्रोन शो से पहले क्षेत्र के प्रसिद्ध कीर्तन जत्थों द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी की पवित्र बाणी का कीर्तन किया गया। इस अवसर पर डॉ. स्वर्ण सिंह सलारिया और श्री श्री 108 स्वामी गुरदीप गिरी महाराज द्वारा कीर्तन जत्थों और पहुंचे संत समाज के विशेष मेहमानों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत आकाश में ड्रोनों के माध्यम से श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित शानदार प्रदर्शन पेश किया गया। आकाश में विभिन्न आकारों और दृश्यों के माध्यम से गुरु जी के जीवन से जुड़े संदेश को पेश किया गया, जिसे देखकर संगत में भारी उत्साह देखने को मिला। डॉ. स्वर्ण सिंह सलारिया ने कहा कि सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित करवाए जा रहे समारोह सराहनीय प्रयास है। इससे पहले भी पंजाब सरकार द्वारा गांव-गांव प्रचार वैनों के माध्यम से लोगों को श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं के बारे में जागरूक किया गया है। कहा कि ड्रोन शो के माध्यम से गुरु जी के जीवन और संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बहुत ही सुंदर तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया है। श्री श्री 108 स्वामी गुरदीप गिरी महाराज ने संगतों को श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके द्वारा दिखाए गए भक्ति, समानता, भाईचारे और आपसी प्यार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। इस अवसर पर एसडीएम धारकलां शंकर शर्मा, स्वामी नित्यानंदपुरी हरियाल गुरदासपुर, स्वामी हरी नारायण कुरुक्षेत्र, चेयरमैन सूफी संत समाज पंजाब बाबा साहिब सिंह पठानकोट और बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी।