पंजाब रोडवेज पनबस,पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25-11 की ओर से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के परिवहन मंत्री और परिवहन सचिव के साथ सिविल सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों सहित वर्ष 2026 के बिल और अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यूनियन के अनुसार, विभाग के निदेशक स्टेट ट्रांसपोर्ट पंजाब के छुट्टी पर होने के कारण कुछ मुद्दों पर अंतिम निर्णय के लिए अगली बैठक 30 सितंबर को निर्धारित की गई है। यूनियन नेताओं ने बैठक में पीआरटीसी में वर्ष 2021 से कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच किए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि कर्मचारी की ज्वाइनिंग से लेकर पूरा रिकॉर्ड जांचा जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के रिकॉर्ड में सेवा के वर्ष कम पाए जाते हैं तो पिछले वर्षों का रिकॉर्ड जांचकर उसे पूरा करने की कार्रवाई की जाएगी। नई भर्ती में कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता की मांग यूनियन ने नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लेने तथा पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की मांग रखी। यूनियन के अनुसार, परिवहन मंत्री ने तीन वर्ष वाली नीति लागू करने अथवा कांट्रैक्ट भर्ती प्रक्रिया अपनाने पर सहमति जताई तथा पहले से कार्यरत कर्मचारियों को भर्ती में छूट देकर शामिल करने और प्राथमिकता के आधार पर कांट्रैक्ट पर लेने का आश्वासन दिया। परिवहन सचिव ने भी कहा कि यूनियन की ओर से सुझाव प्राप्त होने के बाद सभी कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लेने का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में 30 सितंबर की अगली बैठक में विस्तार से चर्चा कर समाधान निकालने की बात कही गई। पनबस सर्विस रूल की फाइल जल्द मंजूर करने के निर्देश बैठक में पनबस के सर्विस रूल से संबंधित वित्त विभाग में लंबित फाइल का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन के अनुसार, परिवहन मंत्री ने तत्काल फोन पर संबंधित अधिकारियों को फाइल को जल्द मंजूर करने के निर्देश दिए। परिवहन सचिव को भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया। मौके पर पनबस के एडीओ को बुलाकर वित्त विभाग में फाइल क्लीयर करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए तथा यूनियन नेताओं को भी साथ ले जाकर मामले को आगे बढ़ाने की बात कही गई। आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग यूनियन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज कथित नाजायज मामलों को रद्द करने की मांग भी रखी। यूनियन के अनुसार, परिवहन मंत्री ने इस संबंध में गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यूनियन की ओर से लंबे समय से बसों के बेड़े में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। बैठक में परिवहन मंत्री ने आने वाली नई बसों की संख्या में 25 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी करने पर सहमति जताई। पीआरटीसी कर्मचारियों की लंबित तनख्वाह का मुद्दा उठा बैठक में पीआरटीसी कर्मचारियों की पूरी तनख्वाह अभी तक खातों में न पहुंचने का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन के अनुसार, परिवहन सचिव ने कर्मचारियों की लंबित तनख्वाह जल्द जारी करने के निर्देश दिए। वहीं पीआरटीसी में ब्लैकलिस्ट, गैरहाजिर तथा अपील रिजेक्ट किए गए कर्मचारियों की बहाली की मांग पर भी चर्चा हुई। यूनियन के अनुसार, प्रबंधन निदेशक को ऐसे कर्मचारियों के मामलों में तत्काल कार्रवाई कर उन्हें जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। ईपीएफ, ईएसआई और सिक्योरिटी राशि से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग यूनियन ने ठेकेदारों से संबंधित ईपीएफ, ईएसआई तथा सिक्योरिटी राशि में कथित अनियमितताओं की जांच करवाकर कार्रवाई करने की मांग भी अधिकारियों के समक्ष रखी। यूनियन के अनुसार, इन सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा वित्त विभाग के साथ हुई बैठक में यूनियन की ओर से शमशेर सिंह और रेशम सिंह गिल शामिल हुए। यूनियन के अनुसार, वित्त विभाग के अधिकारियों ने उनकी मांगों को सुना और संबंधित फाइल को जल्द अंतिम रूप देकर सोमवार को वित्त विभाग से क्लीयर करवाकर परिवहन विभाग को भेजने की बात कही। यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों से अपील की कि 30 सितंबर को होने वाली अगली बैठक तक सभी कर्मचारी डिपो में अपनी ड्यूटी एवं संगठनात्मक गतिविधियों के प्रति सजग रहें तथा सही रिकॉर्ड तैयार कर विभाग को भेजने में सहयोग करें। यूनियन ने कहा कि अगली बैठक में मांगों पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है। विभाग और यूनियन के बीच अगली बैठक 30 सितंबर को लिखित रूप में निर्धारित की गई है।