जाब में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त महीने में प्रदेश में सामान्य से औसतन 32 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश के चलते पंजाब अगस्त में सबसे कम बारिश वाले चार राज्यों में शामिल हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर पड़ने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश की कमी का असर धान की पैदावार पर पड़ सकता है और उपज में करीब 20 फीसदी तक गिरावट आने की आशंका है। इस समय धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी बेहद जरूरी है। बारिश कम होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मानसून की कमी का असर भूजल स्तर पर भी पड़ सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में बिहार में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश हुई है। आंध्र प्रदेश में 38 फीसदी और कर्नाटक में 22 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। वहीं, पूरे देश में इस बार सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है। 1 जून से 24 अगस्त तक पंजाब में औसत से 33 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।