2027 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला केवल स्थानीय संगठन की ताकत से तय नहीं होगा। विदेशों में कारोबार नौकरी और सामाजिक नेटवर्क बनाने वाले पंजाबी चेहरे अब सीधे पंजाब की सियासत में उतर रहे हैं। कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और दुबई से लौटे इन चेहरों की सबसे बड़ी ताकत विदेश में बनाया संपर्क है। सामाजिक माध्यमों की पहुंच और प्रवासी पंजाबियों से जुड़ाव इन्हें राजनीतिक दलों के लिए उपयोगी बना रहा है। विदेश में रहने वाले रिश्तेदार घर के राजनीतिक फैसलों में भी प्रभाव रखते हैं। यह नेटवर्क अब केवल प्रवासी वोट और आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है बल्कि चुनावी प्रचार जनमत निर्माण और संगठन की ताकत में बदल रहा है।