कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने मंगलवार को ऐतिहासिक रीगो ब्रिज के पुनर्निर्माण कार्य का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने रेलवे और तकनीकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की। औजला ने कहा कि तकनीकी अड़चनें अब दूर कर ली गई हैं और दिसंबर तक पुल की एक लेन यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। औजला के अनुसार रीगो ब्रिज का इतिहास करीब 1917-18 से जुड़ा है और यह पुराने शहर को जीटी रोड व बाहरी क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने बताया कि पुल के आसपास सेना की संचार व बिजली लाइनों के अलावा नगर निगम की पाइपलाइन और केबलें थीं। इनके स्थानांतरण और जरूरी मंजूरियों में समय लगने के कारण काम प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि परियोजना को 2023 में प्रशासनिक मंजूरी मिली थी, जबकि पुराने ढांचे को हटाने की अंतिम अनुमति जनवरी 2025 में मिली। अब पिलर और बेस स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है तथा लोहे के गर्डर भी मौके पर पहुंच गए हैं। औजला ने ठेकेदार और रेलवे को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक एक लेन शुरू करने के बाद अगले तीन महीनों में दूसरी लेन भी पूरी करने का भरोसा दिया गया है। उन्होंने होटल से जुड़े विवाद और बजट बढ़ने की चर्चाओं को भी खारिज किया।