पंजाब पुलिस के एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड में वांछित बताए जा रहे मुलेचक्क निवासी दीपक की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद परिवार ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। परिवार ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई बातें बताईं और कहा कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस उनके घर की तलाशी ले रही थी। दीपक की मां भोली ने आरोप लगाया कि पिछले दो-तीन दिनों से पुलिस लगातार उनके घर आ रही थी और तलाशी ले रही थी। उन्होंने कहा कि परिवार को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया कि मामला इतना गंभीर है। सुबह अचानक उन्हें बेटे के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी मिली। दीपक के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस पहले भी उनके घर आई थी और पूछताछ के साथ तलाशी ली थी। उनके अनुसार, पुलिसकर्मी घर में मौजूद स्कूटी भी अपने साथ ले गए थे, जिसके दस्तावेज परिवार के पास हैं। पिता ने बताया कि दीपक नशे की लत का शिकार था। पिछले साल 27 सितंबर को वह जेल गया था और करीब सात महीने बाद अगस्त में जमानत पर बाहर आया था। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से परिवार को अपना घर साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रखना पड़ा। परिवार ने कहा कि उन्हें दीपक के किसी पाकिस्तान या अन्य आपराधिक संपर्क की जानकारी नहीं थी। मुठभेड़ के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।