सीहोर जिले के बुधनी-गडरिया नाला-शाहगंज स्टेट हाईवे-15 पर सड़क की बदहाली अब सीधे सड़क सुरक्षा का गंभीर सवाल बन गई है। करीब चार माह से मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।
हादसों का बढ़ा खतरा, जिम्मेदारों पर सवाल
स्टेट हाईवे-15 क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से एंबुलेंस, स्कूल बसों सहित बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क पर फैले गहरे गड्ढों के कारण अचानक ब्रेक लगाने या वाहन को बचाने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत में देरी अब किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मीडिया और ग्रामीणों ने लगातार उठाई आवाज
सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार मुद्दा उठा चुके हैं। पूर्व में सड़क पर हुए हादसों के बाद भी मरम्मत की मांग सामने आती रही। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
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एसडीएम संजीव कुमार के आश्वासन पर टिकी नजर
मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बुधनी अध्यक्ष योगेश सोनू राजपूत ने एसडीएम संजीव कुमार से चर्चा की। उनके अनुसार एसडीएम ने संबंधित विभाग के माध्यम से सड़क के गड्ढे भरवाने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजर गुरुवार शाम तक होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी है। प्रशासन की ओर से समय रहते कार्रवाई होती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
शाम तक काम नहीं हुआ तो ग्रामीण खुद संभालेंगे मोर्चा
योगेश सोनू राजपूत ने कहा कि यदि गुरुवार शाम तक गड्ढे नहीं भरे गए तो शुक्रवार सुबह 11 बजे खिलौना क्लस्टर स्थित कचरा घर के पास ग्रामीण जनसहयोग से गड्ढे भरने का काम शुरू करेंगे। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़ा कदम होगा।
जनसहयोग से सड़क सुधारने की तैयारी
ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई का इंतजार लंबा होता जा रहा है, तब सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए उन्हें स्वयं आगे आना पड़ रहा है। हालांकि ग्रामीणों की पहल के साथ यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि स्टेट हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग की नियमित मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित पहल
यदि प्रशासन और संबंधित विभाग गुरुवार शाम तक गड्ढे नहीं भरते हैं, तो शुक्रवार सुबह 11 बजे खिलौना क्लस्टर, कचरा घर के पास ग्रामीण जुटेंगे। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासनिक आश्वासन जमीन पर कार्रवाई में बदलता है या ग्रामीणों को खुद सड़क पर उतरकर गड्ढे भरने पड़ते हैं।
चार माह से सड़क की हालत बदतर
सड़क के गड्ढों को लेकर कई बार की जा चुकी शिकायत।
वाहन चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।