नो-एंट्री पाइंट पर ड्यूटी में तैनात पुलिस आरक्षक ने एक ट्रक ड्राइवर को थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर दे दिया था। ट्रक चालक द्वारा फोन करने पर थाना प्रभारी उत्तेजित हो गए और नो-एंट्री पॉइंट में पहुंचकर पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट कर दी। पीड़ित आरक्षक द्वारा घटना के संबंध की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है। एसडीओपी पाटन को घटना की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शहपुरा थाने में पदस्थ पीड़ित आरक्षक लखन निषाद ने बताया कि नवरात्र पर्व के दौरान 18-19 अक्टूबर की रात को उसकी ड्यूटी नो-एंट्री प्वाइंट में लगाई गई थी। इस दौरान थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे चैकिंग पर आए थे और ग्वालियर में हुई घटना का हवाला देते हुए किसी भी भारी वाहन को जाने नहीं देने के निर्देश दिए थे। इसका पालन करते हुए पीड़ित आरक्षक ने किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया।
ये भी पढ़ें- मुख्यमंत्री के अस्पताल से निकलते ही मेडिकल कॉलेज के डीन पर हमला, आरोपी ने मारा थप्पड़
इस दौरान भोपाल से आए एक ट्रक चालक ने बताया कि वह पूजा की सामग्री तथा दुर्गा प्रतिमा के शृंगार का सामान लेकर आया था। उसका समय पर पहुंचना अति आवश्यक है। चालक के आग्रह पर उसने थाना प्रभारी को मोबाइल नंबर उसे दे दिया था। चालक ने फोन लगाकर थाना प्रभारी से बात की और बताया कि उसका नम्बर पुलिस आरक्षक द्वारा दिया गया था। थाना प्रभारी के निर्देश पर चालक ने उसे मोबाइल दे दिया। थाना प्रभारी ने फोन पर उसके साथ गाली-गलौज करते हुए कहा है कि उसने ड्राइवर को कैसे उसका मोबाइल नंबर दे दिया।
इसके बाद थाना प्रभारी नो-एंट्री प्वाइंट पर आए और उसके साथ मारपीट करते हुए वर्दी फाड़ दी और चश्मा तोड़ दिया। इस दौरान उसका चालक उसे पीछे से पकड़े रहा। मारपीट के कारण पीड़ित आरक्षक को चेहरे नाक पर चोट आई है। पीड़ित आरक्षक द्वारा घटना की शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी से की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने बताया कि घटना के संबंध में दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई है। घटना की जांच के लिए पाटन थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी की नियुक्त किया गया है। उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।