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एमपी: गुना में युवती की मौत के बाद हंगामा, निजी अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद ओवरब्रिज पर शव रखकर लगाया जाम

Sun, 27 Sep 2026 02:37 PM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान युवती की मौत के बाद रविवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। इसके बाद शव को लेकर शहर के मुख्य ओवरब्रिज पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। मृतका की पहचान राजकुमारी बाई (26), निवासी ग्राम भादौर, तहसील आरोन के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजकुमारी को कुछ दिनों से खून की कमी और कमजोरी की शिकायत थी। 18 सितंबर को उसे शहर के बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की कमी बताई और उसे चार यूनिट रक्त चढ़ाया गया। तबीयत में सुधार होने पर 21 सितंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। परिजनों ने बताया कि शनिवार देर शाम अचानक राजकुमारी की तबीयत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में तकलीफ और घबराहट होने पर परिवार के लोग उसे आनन-फानन में उसी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक किसी डॉक्टर ने उसे नहीं देखा और न ही प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल लाए जाने के समय उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण रात में उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह डॉक्टरों द्वारा राजकुमारी को मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखा वेंटिलेटर गिरा दिया। इसके अलावा रिसेप्शन काउंटर पर रखे कंप्यूटर और परिसर में रखे कूलर में भी तोड़फोड़ की। घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और स्टाफ ने किसी तरह खुद को सुरक्षित किया।

पढे़ं: सीएम मोहन यादव ने अपने ही घर पर क्यों चलाई गैंती?: भावुक होकर बोले- जिस घर में बचपन बीता उसे तोड़ना आसान नहीं   इसके बाद आक्रोशित परिजन शव को लेकर शहर के मुख्य ओवरब्रिज पर पहुंच गए। उन्होंने बाइक आड़ी लगाकर सड़क जाम कर दी। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका आरोप था कि यदि अस्पताल में उपचार की पर्याप्त सुविधा नहीं थी तो डॉक्टरों को समय रहते मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करना चाहिए था। स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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