'विचार मंथन' कार्यक्रम में वाटर मैन उमाशंकर पांडेय ने माता-पिता के महत्व पर बोलते हुए कहा कि इस सृष्टि में माता-पिता से बड़ा कोई नहीं है। मां त्याग और निस्वार्थ प्रेम की प्रतिमूर्ति होती है, जबकि पिता संबल और सुरक्षा का आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि माता-पिता को वृद्धाश्रम न भेजें। यदि भगवान गणेश की तरह बुद्धिमान बनना है, तो माता-पिता की परिक्रमा और सेवा करें। वहीं, प्रभु राम की तरह पूजनीय बनना है, तो उनके चरणों में सिर झुकाएं। असली हीरो हमारे माता-पिता ही हैं।