वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि जीवन के लिए हवा के बाद पानी सबसे जरूरी है। नदियां हमारे जीवन की धमनियों की तरह हैं, लेकिन कई नदियां धीरे-धीरे गंदे नालों में तब्दील होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गंगा के प्रति लोगों की आस्था बेहद गहरी है। गंगा की कसम खाने से लेकर पूजा-पाठ और जीवन के अंतिम समय में गंगाजल के उपयोग तक इसका विशेष महत्व है। ऐसे में गंगा की स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।