तेलीबाग में रहने वाली बुजुर्ग मुन्नी देवी अपने 16 साल के जन्म से दिव्यांग बेटे की परवरिश के लिए मजदूरी करती हैं। पति का सात साल पहले निधन हो चुका है और उनकी दोनों बेटियों की भी काफी पहले मौत हो गई थी। ऐसे में उनका बेटा ही दुनिया में उनका एकमात्र सहारा है। हालांकि, बुढ़ापे में जिस बेटे को उनका सहारा बनना था, उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है। मुन्नी देवी का आरोप है कि पड़ोसी उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। वह उनके घर के बाहर आकर गंदगी करता है, घर पर पथराव करता है और बेवजह गाली-गलौज करता रहता है। बेटे की देखभाल और रोजी-रोटी की चिंता के बीच पड़ोसी की कथित हरकतों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दिव्यांग बेटे के साथ थाने पहुंचीं मुन्नी देवी पीड़िता का कहना है कि वह लगातार पुलिस से शिकायत कर रही हैं, लेकिन परेशानी बनी हुई है। शनिवार को वह एक बार फिर अपने दिव्यांग बेटे के साथ थाने पहुंचीं और अपनी शिकायत रखी। पुलिस ने उनकी शिकायत सुनने के बाद कार्रवाई के संबंध में आश्वासन दिया। मुन्नी देवी मजदूरी करके अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही हैं। ऐसे में उनकी मांग है कि पड़ोसी की कथित हरकतों पर रोक लगाई जाए, ताकि वह अपने बेटे के साथ शांति से रह सकें।