फैजुल्लागंज के मिल्लत नगर कच्ची ढाल इलाके में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचने से सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घरों में फंसे परिवार खाने-पीने के सामान और स्वच्छ पानी के संकट से जूझ रहे हैं। राहत नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शाम को बंधा रोड पर उतर आए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन के चलते बंधा रोड पर कुछ देर तक यातायात भी बाधित रहा। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई परिवार लगातार बाढ़ के पानी के बीच अपने घरों में फंसे हुए हैं। इसके बावजूद उनकी मूलभूत जरूरतों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाए हैं। लोगों ने प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से राहत सामग्री और पीने का पानी पहुंचाने की मांग की। माल में हजारों बीघा फसल डूबी, एसडीएम ने लिया जायजा गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से माल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ का असर बना हुआ है। सोमवार को उपजिलाधिकारी मलिहाबाद अपराजिता आर्यन ने राजस्व टीम के साथ बदइयां, टिकरी, मंझी, निकरोजपुर और भवानीखेड़ा समेत कई गांवों का दौरा किया। एसडीएम ने राजस्व टीम को फसल और अन्य नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बदइयां के प्रधान रामकुमार के मुताबिक गांव की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। वहीं बहरौरा में करीब छह सौ बीघा फसल डूबने और तीन रास्ते बंद होने की जानकारी दी गई है। एसडीएम ने प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया और गांवों में दवा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर फसल नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। दुबग्गा में ढाई हजार से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में गोमती का जलस्तर बढ़ने से दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड में टाड़खेड़ा समेत आसपास के इलाकों में स्थिति बिगड़ गई है। माध्यमिक विद्यालय समेत तीन निजी स्कूल और एमसी सक्सेना कॉलेज परिसर में पानी भरने से स्कूल बंद कर दिए गए हैं। क्षेत्र में ढाई हजार से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। जेहटा-माल मार्ग पर जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें 10 से अधिक नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। जोनल अधिकारी मनोज यादव के अनुसार नावों के जरिए जरूरतमंदों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। स्वास्थ्य टीमें भी जांच और दवा वितरण में जुटी हैं। सीएचसी अधीक्षक केडी मिश्रा के मुताबिक सैंथा, गुलमीखेड़ा और सुखलालखेड़ा में 93 घरों में स्वास्थ्य जांच की गई, जबकि राहत शिविर में 62 लोगों का परीक्षण हुआ।