आठ महीने से मानदेय नहीं मिलने और अन्य समस्याओं का समाधान न होने से नाराज वेटरनरी प्रशिक्षणार्थी छात्रों ने सोमवार को स्कॉस्ट के मुख्य द्वार के समक्ष प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला आठ हजार रुपये मासिक मानदेय पिछले आठ महीने से नहीं दिया गया है। इसके अलावा वाहनों को संस्थान के बाहर खड़ा करने और लद्दाख भ्रमण की अवधि कम किए जाने को लेकर भी छात्रों में रोष है। प्रदर्शन कर रहे छात्र पुनीत शर्मा, अजय शर्मा और अनिकेत ने बताया कि वेटरनरी प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हर महीने करीब आठ हजार रुपये मानदेय दिया जाना था, लेकिन पिछले आठ महीने से इसका भुगतान नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि वे लगातार प्रशिक्षण की जिम्मेदारियां पूरी कर रहे हैं, लेकिन मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि उनके साथ वाहनों की पार्किंग को लेकर भी भेदभाव किया जा रहा है। उनके वाहन संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर खड़े करवाए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों के वाहन परिसर के अंदर खड़े किए जाते हैं। छात्रों ने मांग की कि उन्हें भी परिसर के अंदर वाहन खड़ा करने की सुविधा दी जाए। छात्रों ने लद्दाख भ्रमण की अवधि कम किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार पहले उनका लद्दाख भ्रमण 15 दिनों का निर्धारित था, लेकिन अब उन्हें केवल छह दिन का भ्रमण करवाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि 15 दिन के भ्रमण के बजाय छह दिन की अवधि किए जाने से उन्हें अपेक्षित व्यावहारिक अनुभव नहीं मिल पाएगा। पुनीत शर्मा, अजय शर्मा और अनिकेत ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष बात रख चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उन्हें सोमवार को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने संस्थान प्रबंधन से जल्द से जल्द आठ माह का बकाया मानदेय जारी करने, परिसर में वाहन खड़ा करने की सुविधा देने और लद्दाख भ्रमण की 15 दिन की अवधि बहाल करने की मांग की।