उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर अब आफत बनता जा रहा है। कई जिलों में आसमान से ऐसी बारिश हुई कि सड़कें जलमग्न हो गईं और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया अब उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है... और अब आंधी, बिजली और फ्लैश फ्लड का अलर्ट भी जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका असर दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इसी मौसमी सिस्टम की वजह से कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है।
बारिश के आंकड़े इसकी भयावहता बयां कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 34 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सीतापुर में 27 सेंटीमीटर, बहराइच में 24 सेंटीमीटर और बांदा में 23 सेंटीमीटर बारिश हुई। यानी कई इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी मात्रा में पानी बरसा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी बारिश से अछूता नहीं रहा। हमीरपुर में 21 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि महोबा और शाहजहांपुर में 19-19 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में अगले 24 घंटे के लिए फ्लैश फ्लड की कम से मध्यम चेतावनी जारी की है।
अब बात पूर्वी यूपी की जहां बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। बहराइच, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कानपुर शहर, कानपुर देहात, खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, सीतापुर और कन्नौज में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी यूपी में भी मौसम का मिजाज परेशान करने वाला है। बदायूं, बरेली, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर और मुरादाबाद में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में बिजली चमकने और आंधी-तूफान की भी संभावना है।
सबसे बड़ी चिंता अचानक आने वाली बाढ़ को लेकर है। भारी बारिश के कारण नदियों, नहरों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को नदियों और नहरों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
बारिश का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान, मक्का, अरहर, तिल और गन्ने जैसी खड़ी फसलों में जलजमाव न होने दें। खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
मौसम विभाग ने फिलहाल किसानों को सिंचाई का काम टालने की सलाह दी है। साथ ही खाद और कीटनाशकों का छिड़काव भी तब तक न करने की सलाह दी गई है, जब तक मौसम की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। लगातार बारिश के बीच खेतों में पानी जमा रहने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर यूपी में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा। एक तरफ कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, दूसरी तरफ आंधी, बिजली और तेज हवाओं का खतरा और ऊपर से फ्लैश फ्लड का अलर्ट। ऐसे में प्रशासन के अलर्ट पर नजर रखना और नदियों-नहरों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।