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वृंदावन में हुआ दर्दनाक हादसा, टैंक साफ करने उतरे गुरुकुलम के 4 छात्रों की मौत

Wed, 07 Oct 2026 03:22 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

वृंदावन के चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। पानी के टैंक की सफाई करने के लिए उतरे पांच छात्रों में से चार की मौत हो गई, जबकि एक छात्र का उपचार चल रहा है। जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 10 बजे हुआ। टैंक में जहरीली गैस बनने के कारण छात्रों की हालत बिगड़ गई और वे टैंक के अंदर ही बेहोश होकर गिर पड़े। मृतकों की पहचान मनू कटारे (22), विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और 17 वर्षीय देवांश शर्मा के रूप में हुई है। वहीं रुद्राक्ष नामक छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद गुरुकुलम के संचालक के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वर्तमान में पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम संचालित हो रहा है, वहां करीब एक साल पहले तक उमा कमला नाम से गेस्ट हाउस चलता था। 

इसके बाद आशीष शर्मा ने जमीन किराये पर लेकर यहां गुरुकुलम शुरू किया। गुरुकुलम के पीछे करीब 12 फीट गहरा एक पानी का टैंक मौजूद है, जो संस्थान के संचालन शुरू होने के बाद से ही बंद पड़ा था। इसी टैंक की सफाई के लिए छात्र अंदर उतरे थे। आशंका है कि लंबे समय से बंद रहने के कारण टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी, जिसकी चपेट में आने से छात्रों की जान चली गई। पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में 200 से अधिक छात्र संस्कृत की शिक्षा प्राप्त करते हैं, जबकि फिलहाल करीब 100 छात्र परिसर में रह रहे थे। यहां कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कराई जाती है। इस हादसे के बाद गुरुकुलम में पढ़ने वाले छात्रों और उनके परिजनों में चिंता और भय का माहौल है। पुलिस घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और टैंक की स्थिति की जांच कर रही है। इस हादसे ने बंद पानी के टैंक, सीवर या अन्य संकरे स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरण और विशेषज्ञों की मौजूदगी के प्रवेश करने के गंभीर खतरों को भी सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों में जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी का पता बाहर से नहीं चलता और कुछ ही समय में व्यक्ति बेहोश हो सकता है। इसलिए किसी भी बंद या गहरे टैंक की सफाई का काम प्रशिक्षित कर्मियों और उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही किया जाना चाहिए। घटना में जान गंवाने वाले चारों छात्रों की मौत से गुरुकुलम और उनके परिवारों में गहरा शोक है, जबकि घायल छात्र के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है।


 

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