राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से भले ही मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी हो, लेकिन कई इलाकों में बारिश और रिमझिम फुहारों का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राजस्थान से लेकर बंगाल तक आने वाले कुछ दिनों में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी अंडमान सागर तथा उससे सटे म्यांमार तट के पास बने मौसम तंत्र के प्रभाव से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
IMD के अनुसार 28 और 29 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में खुले स्थानों पर जाने से बचें और स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखें।
इसी बीच उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र 28 सितंबर की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह सिस्टम 28 सितंबर की शाम या रात तक और अधिक मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके यांगून और क्याइकटो के बीच म्यांमार तट को पार करने की संभावना जताई गई है। इस मौसम प्रणाली के कारण अंडमान द्वीप समूह में 28 और 29 सितंबर को भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ जगहों पर झोंकों की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने 1 अक्टूबर तक अंडमान सागर, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा म्यांमार और बांग्लादेश के तटवर्ती क्षेत्रों के पास समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियों में जोखिम बढ़ सकता है।
इसके अलावा निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका प्रभाव स्थानीय मौसम पर बना रह सकता है। इन सभी मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट और स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेज बारिश, आंधी या बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।