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कनॉट प्लेस में पीएम मोदी के समर्थक कश्मीरी मुस्लिम फईम से मारपीट, थप्पड़ और लातों से मारा

Fri, 09 Oct 2026 05:52 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

दिल्ली का कनॉट प्लेस गुरुवार को सियासी हलचल का केंद्र बना रहा। एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए लंच का आयोजन किया, तो दूसरी तरफ लंच वेन्यू के बाहर राजनीतिक नारेबाजी और कथित झड़प का मामला सामने आया। सोशल मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने वाले एक व्यक्ति और कांग्रेस समर्थकों के बीच विवाद हुआ। हालांकि, इस कथित मारपीट के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जिस व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया, उसका नाम फईम नजीर बताया जा रहा है। उसके मुताबिक, वह श्रीनगर, कश्मीर का रहने वाला है। फईम ने आरोप लगाया कि उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोई गाली या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई।

फईम नजीर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा समर्थक है और लगातार अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उसने दावा किया कि वह देश के मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहा था। फईम ने यह भी कहा कि वह देश का नागरिक है और देश के प्रति उसकी जिम्मेदारी है।

अपने बयान में फईम ने देश को लेकर कुछ गंभीर आरोप भी लगाए और दावा किया कि भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की साजिश चल रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें फईम का आरोप ही माना जाना चाहिए।

दरअसल, ये पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया, जब दिल्ली में INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कनॉट प्लेस के Moets रेस्तरां में विपक्षी नेताओं के लिए लंच आयोजित किया। यह लगातार दूसरे दिन था, जब खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों और नेताओं के साथ लंच बैठक की। 

लंच के बाद विपक्षी नेता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

इससे पहले बुधवार को भी दिल्ली में विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला था। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की तस्वीरें भी सामने आई थीं।

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा था कि विपक्ष की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते। विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया और नागरिकों के वोट की सुरक्षा से जुड़ी है।

गुरुवार को भी दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई थी। पुलिस को आशंका थी कि लंच के बाद विपक्षी नेता दोबारा जंतर-मंतर या चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ सकते हैं। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। 

ऐसे में कनॉट प्लेस में कथित बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों की झड़प ने पहले से चल रही राजनीतिक तनातनी को और चर्चा में ला दिया है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी और उसके समर्थक विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यही है कि कनॉट प्लेस की सड़क पर हुई कथित झड़प का पूरा सच क्या है? क्या नारेबाजी के बाद विवाद बढ़ा और मारपीट हुई, या फिर घटनाक्रम का कोई दूसरा पहलू भी है? पुलिस की जांच और सामने आने वाले वीडियो से तस्वीर और साफ हो सकती है। इस बीच, INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। 

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