शुक्रवार की सुबह माता चिंतपूर्णी के दरबार में पूजा-अर्चना और आरती के पावन दर्शन करें। मंदिर के पुजारियों द्वारा माता रानी को भोग अर्पित करने की धार्मिक परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। सुबह की आरती के दौरान मां के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से दरबार आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। इस अवसर पर कंजक पूजन के माध्यम से कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। माता चिंतपूर्णी के भक्त इस पावन दर्शन के माध्यम से मां का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मां चिंतपूर्णी सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें।