सोलन। हिमाचल प्रदेश को बीबीएमबी के एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक जीत मिली है। इस फैसले से प्रदेश को अगले 20 वर्षों में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रदेश की जनता को बधाई दी है। मुकेश शर्मा ने बताया कि यह फैसला पिछले 15 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश के हक और अधिकारों की बड़ी जीत बताया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह प्रदेश के हितों से जुड़ी चौथी ऐतिहासिक जीत है। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश की जनता, मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सहयोगियों और कानूनी टीम को जाता है। फैसले के परिणामस्वरूप हिमाचल को बीबीएमबी से लगभग 55-56 करोड़ यूनिट बिजली एरियर के रूप में प्राप्त होगी। यह लाभ आगामी 20 वर्षों तक जारी रहेगा। वर्तमान में छह रुपये प्रति यूनिट की दर से इस बिजली का मूल्यांकन करने पर प्रतिवर्ष 500 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होगा। यदि भविष्य में बिजली 13.50 से 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेची जाती है, तो सालाना आय 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। मुकेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। सरकार शानन पावर प्रोजेक्ट को हिमाचल के अधिकार में लेने के लिए पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित वकीलों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके साथ ही वाटर सेस के मामले में भी प्रदेश अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल के संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।