सिरमौर जिले में बाहर से आकर कारोबार करने वाले व्यापारियों के पुलिस सत्यापन की अपील की गई है। अंजुमन इस्लामिया नाहन की ओर से कहा गया कि कानून के तहत कोई भी व्यापारी जिले में आकर कारोबार कर सकता है, लेकिन दुकान या कमरा किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन जरूर कराया जाना चाहिए। अंजुमन इस्लामिया के प्रधान बॉबी अहमद की ओर से कहा गया कि प्रशासन और अन्य संस्थाओं के साथ इस विषय पर बातचीत हुई है। संगठन ने विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की कि बाहर से आने वाले किसी भी व्यापारी या अन्य व्यक्ति को दुकान अथवा कमरा किराये पर देने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसका पुलिस सत्यापन हुआ हो। बयान में कहा गया कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की पृष्ठभूमि के संबंध में स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं होती। ऐसे में सत्यापन कराना जरूरी है, ताकि किसी व्यक्ति के बारे में पहले से दर्ज आपराधिक या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी होने की स्थिति में उसका पता चल सके। अंजुमन इस्लामिया की ओर से यह भी कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को दुकान या कमरा देने पर रोक लगाने की बात नहीं है। सभी को कानून के अनुसार काम करने का अधिकार है, लेकिन किराये पर जगह देने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संबंधित व्यक्ति का सत्यापन जरूर कराना चाहिए। संगठन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि नियमानुसार पुलिस सत्यापन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सभी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।