डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नाहन में दीपावली का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत रामायण के सजीव मंचन ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। भगवान श्रीराम के वनवास, माता सीता के हरण और रावण वध जैसे प्रसंगों को विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। विद्यालय के संगीत अध्यापक सुनील मोहिल के निर्देशन में आयोजित इस लघु नाटिका में चौथी, पांचवीं, छठी और आठवीं कक्षा के करीब 35 विद्यार्थियों ने भाग लिया। आठवीं कक्षा की छात्रा शगुन राणा ने सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए रामायण के विभिन्न प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से जोड़ा। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के वनवास से लेकर माता सीता के हरण और रावण वध तक की घटनाओं का मंचन कर मर्यादा, त्याग, सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। पात्रों के अनुरूप वेशभूषा, सशक्त संवाद और भावपूर्ण अभिनय ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया। नाटिका के बाद 11वीं कक्षा की छात्राओं सानिया शर्मा और ओशीन पुंडीर ने 'राम को देख कर जनक नंदिनी...' भजन प्रस्तुत किया। दोनों छात्राओं के मधुर और भावपूर्ण गायन ने समारोह में भक्ति रस घोल दिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की। दीपावली उत्सव के अंतर्गत विद्यालय में अंतर-सदन रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने रंगों और आकर्षक कलात्मक आकृतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता में विवेकानंद हाउस ने प्रथम, हंसराज हाउस ने द्वितीय और दयानंद हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समारोह के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कम से कम पटाखों का प्रयोग करने तथा सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी प्रेम, सद्भाव और खुशियां बांटना ही दीपावली पर्व की वास्तविक भावना है।