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रामपुर बुशहर: वीनस स्कूल नित्थर में लगी 'पुलिस की पाठशाला', डीएसपी ने बच्चों को समझाए नशे और साइबर ठगी से बचने के तरीके

आज के दौर में बच्चों के हाथ में मोबाइल जितना उपयोगी है, उतना ही डिजिटल अपराधों से सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से नित्थर के वीनस पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों के लिए ‘पुलिस की पाठशाला’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी आनी राजीव मेहता मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करते हुए नशे और साइबर अपराध से जुड़े खतरों को आसान भाषा में समझाया। डीएसपी ने विद्यार्थियों को सबसे पहले आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी आपात स्थिति, दुर्घटना या नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त जैसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए इस नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि किसी गलत गतिविधि की जानकारी होने पर चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से पुलिस को सूचना देना जरूरी है। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीएसपी ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे परिवार और समाज से अलग-थलग पड़ सकता है। इससे मानसिक और शारीरिक परेशानियां बढ़ने के साथ परिवार के सामने भी कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसके बाद डीएसपी राजीव मेहता ने साइबर अपराध को विद्यार्थियों के सामने बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से रखा। उन्होंने बताया कि मोबाइल में कोई भी ऐप इंस्टॉल करते समय उससे मांगी जा रही परमिशन को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कई ऐप जरूरत से ज्यादा एक्सेस मांग सकते हैं। इसलिए किसी भी अनुमति को मंजूर करने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित ऐप को वास्तव में उस परमिशन की आवश्यकता है या नहीं। डीएसपी ने बताया कि साइबर ठग लोगों को फर्जी लिंक, फोन कॉल और आकर्षक इनाम का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। कई बार ठग बैंक या किसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम लेकर भी लोगों से जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी देने या लालच में आकर किसी के कहने पर पैसे भेजने से बचना चाहिए। कार्यक्रम में साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की सलाह भी दी गई। डीएसपी ने बताया कि पीड़ित को देरी किए बिना पुलिस से संपर्क करना चाहिए, ताकि संबंधित बैंक खाते या लेनदेन को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए कहा कि साइबर अपराध की स्थिति में जल्द शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रबंध निदेशक सुरेश ठाकुर, प्रधानाचार्य बबलेश ठाकुर, नित्थर चौकी प्रभारी एएसआई नरेंद्र सिंह सहित स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।

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