रिकांगपिओ (किन्नौर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर की 21वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार को रिकांगपिओ स्थित एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. धर्म पाल शर्मा ने की। इसमें कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देने और उपज की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया। डॉ. धर्म पाल शर्मा ने कहा कि बढ़ती बाजार प्रतिस्पर्धा में किसानों और बागवानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती पर ध्यान देना होगा। बैठक में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर भी चर्चा की गई। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र की वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इसके तहत 60 प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से 1,800 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने, ग्रामीण युवाओं के लिए 10 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और 450 सलाहकार सेवाएं उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 250 निदानात्मक भ्रमण, वैज्ञानिकों के 250 खेत भ्रमण, एक किसान मेला, दो किसान संगोष्ठियां और पांच प्रदर्शनियां आयोजित करने की योजना है। शिमला, अटारी लुधियाना और ताबो के वैज्ञानिकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेकर सुझाव दिए। कृषि विज्ञान केंद्र की सह निदेशक डॉ. नीना चौहान ने पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र में स्वीकृत सभी 16 पद भरे हुए हैं। बैठक में खंड विकास अधिकारी हिमांशी शर्मा, उप निदेशक बागवानी शमशेर सिंह नेगी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी, किसान प्रतिनिधियों तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।