विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर निजी एजेंटों के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी की आशंका के बीच प्रदेश सरकार ने युवाओं को सरकारी स्तर पर भर्ती का अवसर उपलब्ध करवाया है। मंडी में आयोजित साक्षात्कार के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी में विभिन्न पदों के लिए 50 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। भर्ती अभियान में प्रदेश के आठ जिलों के करीब 200 युवाओं ने पंजीकरण करवाया था। हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड और श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला रोजगार कार्यालय एवं मॉडल करियर सेंटर मंडी में भर्ती साक्षात्कार आयोजित किए गए। यह भर्ती यूएई स्थित वर्टिव गल्फ एलएलसी कंपनी के लिए हुई। इसमें मुंबई की एक्मे एंटरप्राइजेज ने भर्ती एजेंसी के रूप में सहयोग किया। मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया। चयनित अभ्यर्थियों में सहायक, तकनीकी ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन और फिटर सहित विभिन्न पदों के उम्मीदवार शामिल हैं। पद और निर्धारित शर्तों के अनुसार चयनित युवाओं को भारतीय मुद्रा में करीब 37,700 से 45,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। अतिरिक्त कार्य के लिए नियमानुसार अलग से भुगतान किया जाएगा। कंपनी की ओर से रहने-खाने, वीजा और चिकित्सा सुविधा के साथ साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भी है। मंडी के विजय कुमार ने कहा कि निजी एजेंटों के माध्यम से विदेश में नौकरी पाने के दौरान धोखाधड़ी की आशंका रहती है। मंडी के सुशील कुमार ने कहा कि घर के नजदीक साक्षात्कार होने से विदेश में नौकरी पाने का अवसर मिला है। बिलासपुर के चेतन ठाकुर, कुल्लू के धर्मेंद्र कुमार और सोलन के आसिम ने भी सरकार की इस पहल को उपयोगी बताया। तीनों इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का कोर्स कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के अवसरों से युवाओं को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग करने और आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।