मंडी। हिमाचल किसान यूनियन जिला मंडी की बैठक में प्रशासन और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर किसानों ने खूब सवाल उठाए। जिला अध्यक्ष कर्मु राम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश की 90 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन तंत्र की बेरुखी के कारण किसान बदहाली के कगार पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और जहरीली घास के कारण खेती तबाह हो रही है लेकिन अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने राजस्व विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों के पास जिले की कृषि भूमि का सटीक आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है। साथ ही कृषि विभाग के पास भी इसकी जानकारी नहीं है और जो करोड़ों का बजट आ रहा है वो सिर्फ शिविरों और आवाजाही पर खर्च हो रहा है। बैठक के दौरान संगठन का विस्तार करते हुए नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की गई। कर्मू राम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल किसान यूनियन पूर्णत: गैर राजनीतिक संगठन है और इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार किसी भी दल की हो, संगठन हमेशा किसानों के अधिकारों और कृषि कारोबार की रक्षा के लिए आवाज उठाता रहेगा।