पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के तहत मंडी शहर को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही दो टनलों की खुदाई का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबी इन दोनों टनलों समेत पूरे बाईपास प्रोजेक्ट को सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कंपनी निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने में जुटी है। यह जानकारी बिजनी में आयोजित विश्वकर्मा पूजा के दौरान भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के महाप्रबंधक आरसीएस रावत ने दी। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और कामगारों के साथ हवन-पूजन में भाग लिया। पूर्णाहुति के बाद भगवान विश्वकर्मा की आरती की गई। इस दौरान प्रोजेक्ट को सुरक्षित और समय पर पूरा करने की कामना की गई। आरसीएस रावत ने बताया कि मंडी शहर को बाईपास करने के लिए दो टनलों का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य मार्च 2025 में शुरू हुआ था। अब तक टनलों की खुदाई का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। पूरे प्रोजेक्ट को सितंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि टनलों के निर्माण से मंडी शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। पठानकोट-मंडी और कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के व्यस्त हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ लंबी दूरी का सफर करने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। बाईपास टनलों के तैयार होने के बाद मंडी शहर में जाम की समस्या कम करने, यात्रा समय घटाने और वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और कंपनी की ओर से खुदाई के साथ अन्य संबंधित कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।