अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के पांचवें दिन रविवार को ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में विराजमान देवी-देवताओं के शिविरों में पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। सुबह सवेरे देव समाज के लोगों ने ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच देवी-देवताओं की पूजा की और पारंपरिक देव रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। इस दौरान जुवाणी महादेव और बाबा बीरनाथ के मंदिरों में भी विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने देवी-देवताओं के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया। कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर मैदान में देव आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। देवी-देवताओं के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और देव रीति-रिवाजों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। उत्सव में शामिल श्रद्धालु देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। देव शिविरों में जारी धार्मिक गतिविधियां कुल्लू की समृद्ध देव संस्कृति और परंपराओं को दर्शा रही हैं।