अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 64 वर्षों के बाद देवता कुंबर दान ब्यासर एक फिर आएंगे। दशहरा में कारकूनों से भी देवता के आने की सूचना प्राप्त हुई है। यह बात अधिष्ठाता देवता रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा को लेकर तैयारियां जारी हैं। प्रशासन और देवी-देवता उपसमिति लगातार प्रयासरत हैं कि दशहरा उत्सव शांतिपूर्ण एचं व्यवस्थित तरीके से पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए 18 अक्तूबर से आनी और निरंमड और दूरदराज के देवी-देवता अपने देवालयों से कुल्लू के लिए प्रस्थान करेंगे। पिछले वर्ष 300 से अधिक देवी-देवता दशहरा उत्सव में आए थे। इस बार भी इस आंकड़े से अधिक देवी-देवताओं के दशहरा उत्सव में पधारने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देवता रघुनाथ के अस्थायी शिविर को सजाया जा रहा है और 20 अक्तूबर पूरी कर दी जाएगी। उनके स्थायी और मूल मंदिर में भी दशहरा की तैयारियां जारी हैं और देवता के वस्त्र और साज-सज्जा के सामान तैयार कर दिए गए हैं।