कांगड़ा घाटी में हर बरसात के दौरान रेलवे सेवा ठप होने की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू होते ही रेलवे मार्ग पर आवाजाही बार-बार बाधित हो जाती है, जिससे रोजमर्रा की यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। रेलवे मार्ग के निरीक्षण के दौरान सौरभ कुंडल और ग्रामीणों ने कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज तथा जम्मू मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार के सामने समस्या को जोरदार तरीके से उठाया। लोगों ने हर वर्ष बरसात में रेल सेवा बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में रेलवे मार्ग के प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी होती है। रेल सेवा बंद होने के कारण लोगों को दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से केवल अस्थायी बहाली के बजाय ऐसा स्थायी समाधान करने की मांग की, जिससे भविष्य में बरसात के दौरान रेल सेवा बार-बार बाधित न हो। जनता की नाराजगी को देखते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने लोगों को शांत कराया और रेल सेवा बहाल करवाने का भरोसा दिया। सांसद ने कहा कि पहाड़ियां दरकने के कारण रेलवे मार्ग को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का तकनीकी सर्वे करवाया जाएगा और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रेल मंत्री के समक्ष रखी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों से रेलवे मार्ग का सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही पूरी सुरक्षा के साथ रेल सेवा को सुचारू किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की जाएगी। जम्मू मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार ने भी लोगों को रेल सेवा बहाली का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि 12 अक्तूबर से बैजनाथ और पठानकोट के बीच दो जोड़ी ट्रेनें शुरू करने की योजना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रेल सेवा को और विस्तार दिया जाएगा। अधिकारियों ने मार्च तक सभी सात ट्रेनों को पूरी तरह बहाल करने का लक्ष्य रखा है। स्थानीय लोगों की मुख्य मांग केवल ट्रेनें दोबारा चलाने तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि बरसात में हर साल सामने आने वाली समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि कांगड़ा घाटी के लोगों को बार-बार रेल सेवा बंद होने की परेशानी न झेलनी पड़े। सांसद और रेलवे अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस बार रेल सेवा को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने के साथ-साथ रेलवे मार्ग को बरसात के दौरान सुरक्षित रखने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।