समुद्र में कार्यरत नाविकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर राजपूत कल्याण सभा हमीरपुर ने जागरूकता की अपील की है। सभा के पदाधिकारियों ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर ‘नाविक महासागर की धड़कन हैं’ अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समुद्र में काम करने वाले नाविक कई बार कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। मीडिया को दिए बयान में राजपूत कल्याण सभा हमीरपुर के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर ने कहा कि काली पट्टी उन सभी नाविकों के सम्मान का प्रतीक है, जो समुद्र में रहकर अपनी सेवाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि यह उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने का माध्यम भी है, जिन्होंने समुद्री सेवाओं के दौरान अपने प्रियजनों को खोया है। सभा के अध्यक्ष ने समाज के सभी वर्गों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी नाविक की जान अमूल्य है और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस अवसर पर सभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों जोगिंदर ठाकुर, अजय, रविंद्र सकलानी, प्रवीण और महिंदर भारद्वाज ने सामूहिक रूप से बाजू पर काली पट्टी बांधकर अभियान के प्रति समर्थन जताया। राजपूत कल्याण सभा ने जून माह में समुद्री जहाज पर हुए हमले में हमीरपुर जिले के आदित्य शर्मा सहित भारत के दो अन्य अधिकारियों की मौत पर भी दुख जताया। सभा ने भारत सरकार से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और घटना के लिए जिम्मेदार देश के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समुद्र में सेवाएं देने वाले नाविकों और अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।