जिला मुख्यालय धर्मशाला के कोतवाली बाजार स्थित गीता भवन मंदिर में पिछले दस दिनों से चल रहा 20वां श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव शुक्रवार को गणपति विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी और वातावरण गणपति बप्पा के जयकारों से भक्तिमय बना रहा। गीता भवन मंदिर के पुजारी सुंदर रतन भारद्वाज ने बताया कि 14 सितंबर से आयोजित गणेश महोत्सव के अंतिम दिन सुबह 8 से 11 बजे तक पूजा-अर्चना, आरती और हवन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए खान-पान की व्यवस्था की गई। इसी दौरान मौसम खराब होने और तेज बारिश के चलते गणपति विसर्जन यात्रा को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। मौसम में सुधार होने के बाद शाम करीब चार बजे भगवान गणपति की रथ यात्रा मंदिर परिसर से विसर्जन के लिए रवाना हुई। यात्रा में सात झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और प्रभु श्रीराम सहित विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां शामिल रहीं। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। गणपति की रथ यात्रा कोतवाली बाजार से कचहरी होते हुए हनुमान मंदिर पहुंची और इसके बाद श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के लिए रवाना हुई। चामुंडा पहुंचने के बाद बाण गंगा में विधि-विधान के साथ भगवान गणपति का विसर्जन किया गया।