डलहौजी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक ज्ञान, विज्ञान और तकनीक को अपनाना जरूरी है। इससे युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनेगी। वह शुक्रवार को डलहौजी हिलटॉप स्कूल के वार्षिक समारोह ‘विरासत-2026’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की अहम भूमिका रहेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल शिक्षा नए अवसर प्रदान कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी आवश्यक है। राज्यपाल ने सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम के लिए स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने जमा दो की परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक लेकर चंबा जिले में पहला स्थान हासिल करने वाले जम्मू-कश्मीर निवासी अक्षय कुमार और लद्दाख निवासी अली अकबर को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की अपील की। समारोह में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राज्यपाल ने बच्चों और अध्यापकों के साथ नृत्य भी किया।