प्रदेश के 370 भ्रष्ट पटवारियों के नाम की सूची जारी होने के बाद सोमवार को पटवारी, कानूनगो व कर्मचारी इसके विरोध में उतर आए। इसके विरोध में सोमवार को पटवारियों ने सरकार के खिलाफ काली पट्टी लगाकर विरोध जताया। इसके विरोध में दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से तीन दिन प्रदर्शन बुलाया गया। तीन दिन पटवारी व कानूनगो काली पट्टी बांध कर इसका विरोध करेंगे। सोमवार को विरोध का पहला दिन रहा। इस दौरान जिले के सभी पटवारी जगाधरी अनाजमंडी में एकत्रित हुए। जिसके चलते पटवारखानों पर ताले लटके रहे। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ सहित अन्य संगठनों ने समर्थन दिया। इस दौरान दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से डीसी के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने के लिए पटवारी व कर्मचारी जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन को लेकर लघु सचिवालय में पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान डीसी के प्रतिनिधि के तौर में सीटीएम पीयूष गुप्ता ने ज्ञापन लिया। इस दौरान एसोसिएशन जिला प्रधान रामफल ने कहा कि कुछ दिन पूर्व प्रदेश के भ्रष्ट पटवारियों के नाम से एक सूची जारी हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट में जिले के 14 पटवारियों का नाम है। परंतु यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सूची जारी किसने जारी की है। मुख्यमंत्री ने सूची जारी करने के प्रकरण की जांच करवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस विषय की गहन जांच होनी चाहिए। यह सूची किस माध्यम व जांच के बाद जारी की गई है। सूची में सीधे-सीधे पटवारियों को भ्रष्टाचारी कहा गया है। इससे समाज में उनकी छवि खराब हो रही है। परिवार, रिश्तेदारी व समाज में उनका नाम खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय किसी को दोषी करार नहीं देता है तब तक वह सही है। परंतु इस सूची में पटवारियों को सीधे तौर से भ्रष्ट कहा गया है। यह संवैधानिक व मौलिक रूप से सरासर गलत है।