पिछले 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे दमकल कर्मचारियों ने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि प्रतिदिन पांच कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे और यह सिलसिला मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। दमकल कर्मचारियों की मुख्य मांग फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले दो दमकल कर्मियों को शहीद का दर्जा देने की है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत भी हुई है। इस दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की सहायता राशि देने का आश्वासन दिया है, लेकिन कर्मचारी इसे अपर्याप्त मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह राशि उनके साथियों के बलिदान के मुकाबले बहुत कम है और उनकी मूल मांगों को पूरा किया जाना जरूरी है। दमकल कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल अपने हक के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए भी है।