यमुनानगर में स्वास्थ्य सेवाओं और नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर नजर रखते हुए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने बुधवार को वर्कशॉप रोड स्थित माइंड केयर हॉस्पिटल के डी-एडिक्शन सेंटर पर औचक छापा मारा। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक गहन जांच की गई, जिससे अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ में हड़कंप मच गया। सीएम फ्लाइंग की टीम में सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारी, जिला ड्रग कंट्रोलर और सिविल अस्पताल से डॉ. नितिन शामिल रहे। टीम ने सबसे पहले नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। मरीजों के पंजीकरण, इलाज और दवाइयों से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया गया। इसके साथ ही दवाओं के स्टॉक रजिस्टर और उनकी खपत की भी बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मरीजों को दी जा रही दवाइयां निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। मेडिकल स्टोर के लाइसेंस, दवाइयों के रखरखाव और स्टोरेज की स्थिति भी जांच के दायरे में रही। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति को भी परखा गया। टीम ने अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग जाकर जांच की और हर पहलू का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे गए। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।