सोनीपत। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में राजस्थान में सोनीपत के युवक व किशोर को पकड़ा गया है। दोनों जरूरतमंद परिवार से हैं। पुलिस ने सोनीपत के देवड़ू गांव निवासी रेहान को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया है तो उसके साथ और गोहाना क्षेत्र के एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया है। रेहान के परिवार का कहना है कि उसे बार अपराध की दुनिया छोडक़र सामान्य जिंदगी जीने के लिए समझाया गया, लेकिन वह नहीं माना। वहीं नाबालिग के पिता का कहना है कि उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल लगाने का काम सीख रहा था। उन्हें नहीं पता कि वह मुंबई में अभिनेता से जुड़े फायरिंग मामले तक कैसे पहुंच गया। नौवीं में फेल होने के बाद छूटी पढ़ाई, फिर अपराध की राह पर बढ़ा रेहान सोनीपत के गांव देवड़ू निवासी रेहान की जिंदगी की कहानी पढ़ाई छूटने और परिवार से दूरी बढ़ने के साथ उलझती चली गई। परिजनों के मुताबिक रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में चला गया। बताया गया है कि उनकी मां शमसीदा करीब करीब 12 साल पहले अपने पति रहीसुद्दीन से अलग रहने अपने मायके गांव देवडू में जाकर रहने लगी थी। वह रेहान और उसके छोटे बेटे के साथ देवडू में रहती हैं और गन्नौर क्षेत्र में फैक्टरी में नौकरी कर रही हैं। शमसीदा के साथ उनकी बहन अफसाना व भाई भी रहते हैं। परिवार के लोग उसे गलत रास्ते से लौटने और सामान्य जिंदगी शुरू करने के लिए लगातार समझाते रहे। रेहान को 19 अगस्त को गोहाना क्राइम यूनिट ने गोहाना-जींद रोड पर बुटाना के पास से अवैध शस्त्र सहित पकड़ा था। जिसमें वह जमानत पर आया था। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की बात कही और जेल से बाहर आने के बाद वेल्डिंग का काम करने लगा। काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला रेहान की मौसी अफसाना के मुताबिक जेल से छूटने के बाद रेहान वेल्डिंग का काम करने लगा था। वह कुछ दिन पहले काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। परिवार को यही जानकारी थी कि वह रोजी-रोटी कमाने के लिए काम पर जा रहा है। अफसाना ने बताया कि परिवार ने उसे कई बार समझाया था कि वह किसी गलत गतिविधि में शामिल न हो और पहले दर्ज हो चुके मुकदमे से सबक लेकर अपनी जिंदगी सुधारे। इसके बावजूद वह परिवार की बात नहीं मानता था। अब टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद परिवार के सामने फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मौसी ने इस मामले में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया। जिन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही और बताया कि उन्हें रेहान की गिरफ्तारी तथा फायरिंग की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। गांव के आसपास के लोगों के मुताबिक रेहान के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। पड़ोसियों का कहना है कि वह घर से स्कूल और स्कूल से घर आने-जाने तक ही सीमित रहता था। नाबालिग के पिता बोले- गोहाना में पत्थर-टाइल लगाने का काम सीख रहा था बेटा मामले में अभिरक्षा में लिए गए नाबालिग के पिता के मुताबिक उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल लगाने का काम सीख रहा था। वह 13 अक्तूबर को घर आया था। इसके बाद वह कहां गया और किन लोगों के संपर्क में रहा, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पिता ने बताया कि वह खुद दिव्यांग हैं और ईंट तोडक़र मजदूरी कर रहे हैं। इसी मेहनत के सहारे परिवार का पेट पालते हैं। उनका एक हाथ हथेली के पास से कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुंबई में अभिनेता से जुड़े फायरिंग मामले में बेटे का नाम सामने आना उनके लिए हैरानी और चिंता की बात है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनका बेटा इस मामले में कैसे फंस गया। पिता को आशंका- कहीं बहला-फुसलाकर तो नहीं ले गया कोई नाबालिग के पिता ने आशंका जताई कि कहीं कोई उनके बेटे को बहला-फुसलाकर अपने साथ तो नहीं ले गया। उन्होंने कहा कि उन्हें बेटे की गतिविधियों और उसके इस मामले से जुडऩे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद साधारण है। पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं और बेटे से काम सीख कर आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए थे। किशोर की तीन बहन है। जिनमें दो बड़ी व एक छोटी है। सबसे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।