संयुक्त किसान मोर्चा व न्यायप्रिय संगठन के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के सामने धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन रोकने के संबंध में राष्ट्रपति व पंजाब के राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन के दौरान राजेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार ने 9 दिसंबर 2021 को किसानों से किए गए अपने लिखित वादों को ठुकरा दिया है। इनमें कई लंबित मांगों के समाधान के लिए एक समिति के गठन का आश्वासन दिया गया था। किसान अपनी मांगों को सरकार से जल्द पूरा करवाने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ राष्ट्रीय हितों के खिलाफ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों की वार्ता काे तुरंत बंद किया जाए। सभी फसलों के लिए सी-2 प्लस 50 फीसदी पर एमएसपी घोषित कर खरीद की गारंटी दी जाए। किसानों व मजदूरों का पूर्ण कर्ज माफ किया जाए। कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों में वृद्धि व स्मार्ट मीटर लगाने की योजना वापस ली जाए। ट्यूबवेल के लिए निशुल्क बिजली व घरेलू, दुकानों के लिए 300 यूनिट निशुल्क बिजली प्रदान की जाए। ईश्वर सिंह ने कहा कि पुलिस की ओर से किया जा रहा अंधाधुंध बल प्रयोग बंद किया जाए। जनता के संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल किया जाए। खनौरी व शंभू बॉर्डर पर हुई घटना में पंजाब सरकार किसानों के क्षतिग्रस्त व चोरी के सामान की भरपाई करे। गिरफ्तार या जेल में बंद किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाए। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित सभी उपकरण वापस किए जाए। प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रधान हंसराज, वेदप्रकाश, श्रद्धानंद सोलंकी, भगत सिंह बल्हारा, रामदिया गहलावत व राज सिंह दलाल मौजूद रहे।