किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि केंद्र सरकार टैरिफ युद्ध में किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है। सरकार अमेरिका के टैरिफ युद्ध में झुकने जा रही है और कई कृषि फसलों के आयात को कम करने का समझौता कर रही है। इससे अमेरिका को तो सीधा फायदा होगा, लेकिन भारत में किसानों का नुकसान होगा। उन्होंने चेताया कि अगर यह समझौता हुआ तो भारत में खेती धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। वह सोमवार को छोटूराम धर्मशाला में किसान संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। किसान संगठनों ने इसे रोकने के लिए नए आंदोलन की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। किसान नेता ने भाजपा सरकार के 11 साल के शासन पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार जो कहती है, वह उसका उल्टा करती है। धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है और इसी के सहारे वोट मांगे जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी व्यक्ति को दूसरे धर्म और जाति के खिलाफ भडक़ाऊ बयान देने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।