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सोनीपत के गोल्डन खिलाडिय़ों का जोरदार स्वागत, विजय जुलूस में गूंजा भारत माता का जयघोष

सोनीपत। एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले सोनीपत के खिलाडिय़ों के शहर लौटने पर मंगलवार को जोरदार स्वागत किया गया। महिला और पुरुष हॉकी टीम में शामिल जिले के सात खिलाडिय़ों के सम्मान में मिशन चौक से औद्योगिक क्षेत्र स्थित हॉकी ग्राउंड तक विजय जुलूस निकाला जा रहा है। इस दौरान शहरवासियों और खेल प्रेमियों ने खिलाडिय़ों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। महिला टीम की चार खिलाडिय़ों ने बढ़ाया सोनीपत का मान स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम में सोनीपत की नेहा गोयल, शिल्पी डबास, साक्षी राणा और ज्योति रुमावत शामिल रहीं। वहीं पुरुष हॉकी टीम में जिले के अभिषेक नैन, यशदीप सिवाच और सुमित कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में योगदान दिया। खिलाडिय़ों के स्वागत के दौरान खेल प्रेमियों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। विजय जुलूस के दौरान खिलाडिय़ों के समर्थन में नारे लगाए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मेहनत का फल मिला, अब नजर ओलंपिक पर खिलाडिय़ों ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वर्षों का संघर्ष और मेहनत याद आ जाती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब मैदान पर लगातार मेहनत करता है तो एक दिन उसका परिणाम जरूर मिलता है। अब टीम का लक्ष्य आगामी ओलंपिक है और इसके लिए तैयारियां और अधिक मेहनत के साथ शुरू की जाएंगी। खिलाडिय़ों ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान कुछ गलतियां भी हुईं, लेकिन उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। इन गलतियों को दोहराने के बजाय उनसे सीख लेकर नई रणनीति के साथ ओलंपिक की तैयारी करेंगे। नकारात्मक सोच को दूर रखकर करें मेहनत खिलाडिय़ों ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए नकारात्मक सोच को कभी दिमाग पर हावी नहीं होने देना चाहिए। दिल से मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण रखा जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में हार-जीत से ज्यादा जरूरी लगातार सीखते रहना है। ओलंपिक का टिकट पक्का, अब अगला लक्ष्य पदक एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। खिलाडिय़ों ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान आगामी ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने और देश के लिए पदक जीतने पर रहेगा। एशियन गेम्स के अनुभव को वे अपनी अगली तैयारी में इस्तेमाल करेंगे। कोच प्रीतम सिवाच बोलीं- मेहनत आज सफल हुई खिलाडिय़ों की कोच प्रीतम सिवाच ने कहा कि वह लंबे समय से खिलाडिय़ों, विशेषकर लड़कियों की तैयारी पर काफी मेहनत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज बेटे के साथ-साथ बेटियों के गले में स्वर्ण पदक देखकर उनकी मेहनत सफल होती नजर आ रही है। खिलाडिय़ों की उपलब्धि उनके लिए गर्व का क्षण है और अब उन्हें अगले लक्ष्य के लिए और बेहतर तैयारी करनी होगी। सोनीपत के सात खिलाडिय़ों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर जिले की हॉकी परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

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