बड़वासनी से ट्रिपल आईआईटी तक बनाई जा रही सड़क में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मंगलवार को ग्रामीण पीडब्लूडी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क का निर्माण मिट्टी के ऊपर ही कर दिया गया और निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। एक्सईएन, एसडीओ और जेई के नहीं मिलने पर ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। जिला पार्षद संजय बड़वासनीया ने ग्रामीणों के साथ मिलकर एस ई कार्यालय में खाली कुर्सी रखकर उसकी आरती उतारी और अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और अधिकारी ठेकेदारों के साथ मिलकर लापरवाही कर रहे हैं। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। ठेकेदार ने मिट्टी के ऊपर ही सड़क बना दी। इसकी शिकायत एक्सईएन प्रशांत कौशिक से की गई थी। उन्होंने अगले दिन खराब सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह सड़क पहले भी बनाई गई थी, लेकिन कुछ महीने बाद ही टूट गई थी। अब दोबारा निर्माण में भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर महज खानापूर्ति की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे पीडब्लूडी कार्यालय पर ताला लगाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान निगम पार्षद राजेश मलिक, राजेश शर्मा, सुरजीत कुमार, वीरेंद्र, राजेश, कुलदीप, संदीप, राजवीर, सुमित समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।