विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। ट्रामा सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इस कार्यक्रम में गोल्ड और सिल्वर पदक प्राप्त करने वाले सरपंचों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इन सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले की कुल 131 ग्राम पंचायतों को उनके सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर नोडल अधिकारी डॉ. विक्रम ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क किया जा सकता है। लोगों को टीबी के प्रति किया गया जागरूक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को टीबी से होने वाले नुकसान, इसके लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही पोषण सहायता योजना के तहत मरीजों को आर्थिक सहयोग भी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया, पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव, नोडल अधिकारी डॉ. विक्रम और टीबी प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सीमा अंसारी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।