मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी से निरीक्षक सतेन्द्र कुमार और ड्यूटी मैजिस्ट्रेट विजयपाल की संयुक्त टीम ने एसडीओ (डीएचबीवीएन) रेवाड़ी के साथ गांव पलावास स्थित बिजली बोर्ड के उप-मंडल कार्यालय में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए और कामकाज में भारी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के समय कार्यालय में नितिन राठौर, सीए मौजूद मिले, जिनकी उपस्थिति में रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली की जांच की गई। वहीं, एसडीओ उमेश यादव सरकारी कार्य से हिसार गए हुए पाए गए। उड़नदस्ते की जांच में रजनीश चोपड़ा (जेई), दौलत सिंह (एएफएम), विष्णु प्रसाद (एलडीसी), बीना (एलएम) और गीता (एलएम) कार्यालय में अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों की गैरहाजिरी को गंभीर माना गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कार्यालय में सीएम विंडो की तीन शिकायतें तय समय से अधिक लंबित थीं। इसके अलावा नए बिजली कनेक्शन से जुड़ी 54 फाइलें लंबित पाई गईं, जिनमें से छह फाइलें ओवरड्यू थीं। लंबित शिकायतों और फाइलों की जिम्मेदारी एसडीओ उमेश यादव, जेई पवन और जेई आशीष की बनती है। उड़नदस्ता टीम ने गैरहाजिर कर्मचारियों और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की है। इस संबंध में प्रबंध निदेशक, डीएचबीवीएन विद्युत सदन, हिसार को रिपोर्ट भेजने की अनुशंसा की गई है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके और व्यवस्था में सुधार हो।