पानीपत। पटवारी और कानूनगो अपनी मांगों के लिए एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को दो दिन की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। पानीपत समेत जिले की पांचों तहसील में पहले दिन रजिस्ट्री का कामकाज प्रभावित रहा। सामान्य दिनों की अपेक्षा आधी रजिस्ट्री हो पाई। वहीं इंतकाल और पैमाइश का काम पूरी तरह से ठप रहा। पटवारी और कानूनगो ने नए पोर्टल की तकनीकी कमियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे के अतिरिक्त बोझ और लंबित वेतन को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्रधान प्रवीण रावल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण कर्मचारी और जनता दोनों परेशान हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा लागू नए सॉफ्टवेयर में ढेरों तकनीकी खामियां हैं। इसके कारण जमीनों के इंतकाल दर्ज करने में भारी दिक्कत आ रही है। इसके अलावा जमीन की पैमाइश के लिए आधुनिक मशीनें तो दे दी गईं, लेकिन कानूनगो को संचालन की ट्रेनिंग नहीं दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि मूल राजस्व कार्य छोड़कर उन पर डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम जबरन मढ़ा जा रहा है। साथ ही, कई पटवारियों को महीनों से वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है।