सावन के पवित्र महीने के वीरवार को शहर और जिले भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने देवालयों में विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। विधि-विधान से आरती उतारे जाने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। सुबह से ही प्राचीन देवी मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन, सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 11 और श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में हर-हर महादेव' और जय शिव शंभू के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री राधा कृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन का पूरा महीना ही शिव भक्ति के लिए श्रेष्ठ है, लेकिन सावन में वीरवार के दिन पूजा करने का एक अलग ही विधान और महत्व है। वीरवार का दिन गुरु बृहस्पति और भगवान श्री हरि विष्णु का होता है। जब सावन के दौरान यह दिन आता है, तो इसे हरि-हर की संयुक्त कृपा पाने का दुर्लभ अवसर माना जाता है। आचार्य ने बताया कि इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने और शिव चालीसा का पाठ करने से ज्ञान, वैवाहिक जीवन में मधुरता और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पूजा संपन्न होने के बाद सभी प्रमुख मंदिरों में आरती की गई और श्रद्धालुओं में चरणामृत व हलवे का प्रसाद वितरित किया।