नागरिक अस्पताल में दूसरे दिन भी एनएचएम कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इसके अलावा जिले के सभी अस्पतालों में एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ नारनौल संबंधित भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष डाॅ. पुष्पेंद्र ने बताया कि पिछले कई वर्षो से एनएचएम कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षो से कोई भी ऐसा कार्य व आदेश एनएचएम कर्मचारियों के लिए विभाग द्वारा जारी नही किया गया है। जिससे राज्य स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों को लाभ हो इसके विपरीत एनएचएम कर्मचारियों की मांगो को पुरा करना तो दूर दिन-प्रतिदिन कर्मचारी विरोधी पत्र विभाग द्वारा जारी किये जा रहे हैं। जिससे हरियाणा प्रदेश के समस्त एनएचएम कर्मचारियों में विभाग के प्रति रोष व निराशा है। एनएचएम नेत्री डाॅ. सोनिया चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा द्वारा लागू सेवा नियमों को 26 जून 2024 से पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया है। कर्मचारियों के 5 वर्ष और 10 वर्ष के ऊपर मिलने वाले लाभों को रोक दिया है। एनएचएम कर्मचारियों को सोची समझी दुर्भावना का शिकार बनाया जा रहा है। नर्सिंग अधिकारी उषा ने कहा कि एक तरफ तो सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का ढिंढोरा पिटती रहती है। इस अवसर पर हरकेश, विनोद राव, गौरव कक्कड़, डाॅ. दीपक कौशिक, रेणू यादव, हेमंत यादव, संजू, दिनेश सैनी, ज्योत्सना, मीरा यादव, जितेंद्र कुमार, ऋषिपाल गोठवाल, बिंदू यादव, डाॅ. नितेश सिंघल, सुनीता यादव, रिंकू कुमारी सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे।